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टेड काज़ीन्स्की
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2026-10-07 16:11:04
# टेड काज़ीन्स्की थिओडोर जॉन काज़ीन्स्की 22 मई, 1942 - 10 जून, 2023), जिसे अनबॉम्बर(विश्वविद्यालय और एयरलाइन बॉम्बर) के रूप में भी जाना जाता है। वे एक अमेरिकी गणितज्ञ और घरेलू आतंकवादी थे। वे गणित के प्रतिभाशाली व्यक्ति थे। लेकिन उन्होने आदिम जीवनशैली अपनाने के लिए 1969 में अपना करियर छोड़ दिया। 1978 से 1995 के बीच, कैज़िंस्की ने राष्ट्रव्यापी मेल बमबारी अभियान चलाया जिसमें उन्होंने 3 व्यक्तियों की हत्या कर दी एवं 23 अन्य लोगों को घायल कर दिया। वे ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिनके बारे में उनका मानना था कि वे आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रहे हैं और प्राकृतिक पर्यावरण के विनाश में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने लगभग 35000 शब्दों का एक घोषणापत्र और सामाजिक आलोचना लिखी, जिसका नाम "औद्योगिक समाज और उसका भविष्य (Industrial Society and Its Future) 1995" था। इस लेख में उन्होंने आधुनिक तकनीक के सभी रूपों का विरोध किया एवं वामपंथी विचारधारा को अस्वीकार किया। उन्होंने इस आलोचना मे सांस्कृतिक आदिमतावाद का समर्थन भी किया और अंततः समाज में बदलाव लाने के लिए हिंसक क्रांति का सुझाव भी दिया। 1971 में काज़ीन्स्की ने लिंकन मोंटाना के पास एक दूरदराज़ इलाके में एक ऐसी जगह केबिन मे रहना शुरू किया, जहाँ न बिजली थी और ना ही बहता हुआ पानी। वहाँ वह समाज से अलग-थलग रहकर जीवन-यापन और आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक कौशल सीखने लगे। अपने केबिन के आसपास के प्राकृतिक जंगलों और वन्य क्षेत्र को नष्ट होते देखकर उनके मन में यह धारणा बनी कि प्रकृति के बीच स्वतंत्र रूप से रहना धीरे-धीरे असंभव होता जा रहा है। इसके बाद उन्होंने औद्योगीकरण और उसके कारण प्रकृति के विनाश का विरोध करने का निर्णय लिया और इसके लिए उन्होंनें आतंकवादी गतिविधियों का सहारा लिया। 1979 में काज़ीन्स्की की जाँच संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के द्वारा की जाने लगी। उनकी गिरफ्तारी 1996 में हुई तब तक यह जाँच संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के इतिहास की सबसे लंबी और सबसे महंगी जाँचों में से एक बन चुकी थी। उनकी पहचान सामने आने से पहले एफबीआई ने इस मामले को (UNABOM) “अनबॉम्ब” (यूनिवर्सिटी और एयरलाइन बॉम्बर) नाम दिया था। इसी मामले के आधार पर मीडिया ने उन्हें "अनबॉम्बर" नाम दिया। 1995 में काज़ीन्स्की ने न्यूयॉर्क टाइम्स को एक पत्र भेजा जिसमें उन्होंने वादा किया कि यदि न्यूयॉर्क टाइम्स या वाशिंगटन पोस्ट ने उनका घोषणापत्र प्रकाशित करते हैं तो वे आतंकवाद से दूर रहेंगे जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि आधुनिक तकनीक मानव स्वतंत्रता और गरिमा के लिए खतरा बन रही है इसलिए इस मुद्दे की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उनके द्वारा किए गए बम हमले आवश्यक थे। एफबीआई और अमेरिकी अटॉर्नी जनरल जेनेट रेनो ने निबंध के प्रकाशन के लिए दबाव डाला जो सितंबर 1995 में द वॉशिंगटन पोस्ट ने इसे प्रकाशित किया। इसे पढ़ने के बाद काज़ीन्स्की के भाई डेविड काज़ीन्स्की ने लेख की भाषा और शैली को पहचान लिया तथा अपने संदेह के बारे में एफबीआई को सूचित किया। 1996 में काज़ीन्स्की की गिरफ्तारी के बाद उसने स्वयं को मानसिक रूप से स्वस्थ बताया। उन्होने अदालत द्वारा नियुक्त वकीलों को बर्खास्त करने की कोशिश की क्योंकि उनके वकील उन्हे मृत्युदंड से बचाने के लिए उनके मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की दलील देना चाहते थे। हालांकि वे अपने वकीलों को हटाने में विफल रहे। उन्होंने 1998 में अपने विरुद्ध लगाए गए सभी आरोपों के दोष स्वीकार कर लिया। उन्हें बिना पैरोल के लगातार आठ आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। 2021 में उन्हे कैंसर होने का पता चला और मार्च 2023 में उन्होंने अपना इलाज बंद करा दिया। जून 2023 में, काज़िंस्की ने जेल में आत्महत्या कर ली। थियोडोर जॉन काज़ीन्स्की का जन्म 22 मई 1942 को शिकागो में हुआ था। उनकी माँ का नाम वांडा थेरेसा (उपनाम डोम्बेक) और पिता का नाम थियोडोर रिचर्ड काज़ीन्स्की था। वे सॉसेज बनाने का काम करते थे। उनके माता-पिता पोलिश-अमेरिकी थे लेकिन रोमन कैथोलिक परिवारों में पले-बढ़े थे। बाद में उन्होंने रोमन कैथोलिक धर्म को छोड़कर नास्तिकता अपना ली। काज़ीन्स्की ने एवरग्रीन पार्क कम्युनिटी हाई स्कूल से शिक्षा प्राप्त की थी। वह विद्यालय के मार्चिंग बैंड में ट्रॉम्बोन बजाते थे। इसके अलावा वे गणित, जीवविज्ञान, सिक्का-संग्रह और जर्मन भाषा क्लबों के सदस्य भी थे।
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